उत्तराखंड रामगंगा नदी पर बनी कृत्रिम झील को चैनेलाइज करने का काम शुरू, ग्रामीणों को मिलेगी आकस्मिक खतरे से बड़ी राहत,,,,

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में नाचनी के निकट नया बस्ती से रसियाबगड़ तक रामगंगा नदी पर बनी कृत्रिम झील के प्रवाह को सुचारु करने का काम सिंचाई विभाग ने शुरू कर दिया है। स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीम भारी लोडर मशीनों के साथ मौके पर डटी हुई है ताकि नदी के प्राकृतिक मार्ग को साफ कर पानी की निकासी सुरक्षित ढंग से की जा सके।
🔴 9 साल पुराना है मलबे का संकट
- मुख्य कारण: पिछले 9 वर्षों से हरड़िया नाले से लगातार आने वाले मलबे और कटाव के कारण रामगंगा नदी का प्रवाह प्रभावित होता रहा है।
- प्रभाव: इस मलबे के लगातार जमा होने से नया बस्ती से लेकर रसियाबगड़ तक एक बड़ी कृत्रिम झील का निर्माण हो गया है।
🟢 इस साल काम में देरी से बढ़ा था ग्रामीणों का डर
सामान्यतः सिंचाई विभाग द्वारा हर साल मॉनसून आने से पहले इस मार्ग को चैनेलाइज (साफ) कर दिया जाता है। लेकिन इस वर्ष मॉनसून सीजन शुरू होने तक काम न होने के कारण झील का आकार लगातार बढ़ता जा रहा था, जिससे नदी किनारे बसे लोगों में बाढ़ और तबाही की दहशत फैल गई थी।
प्रशासनिक मुस्तैदी: मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) आशीष भटगाई के निर्देश पर तहसीलदार तेजम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मौके का संयुक्त निरीक्षण किया और तुरंत कार्य शुरू करने के कड़े निर्देश जारी किए।
🟢 राहत की बात- फिलहाल नियंत्रण में है जलस्तर
स्थानीय लोगों के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि रामगंगा नदी का जलस्तर अभी बहुत अधिक नहीं बढ़ा है। नदी के उद्गम स्थल नामिक ग्लेशियर से लेकर नाचनी तक इस साल बारिश का औसत सामान्य रहा है, जिससे झील का जलस्तर स्थिर है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भारी मशीनों की मदद से चैनेलाइज का काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही पानी का प्रवाह पूरी तरह सामान्य कर दिया जाएगा, जिससे स्थानीय जनता को इस डर से पूरी तरह मुक्ति मिल सकेगी।
