उत्तराखंड बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी मामला, BKTC की बड़ी कार्रवाई, खजांची संदेश मेहता हटाए गए केदार सिंह को मिली नई जिम्मेदारी,,,

चमोली। उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। चढ़ावे की गिनती के दौरान दान गणना रजिस्टर में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद खजांची संदेश मेहता को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर अब केदार सिंह रावत को मंदिर का नया खजांची नियुक्त किया गया है।
इसके साथ ही, इस मामले में संलिप्त अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी जल्द ही कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है।
🔴 दान गणना रजिस्टर में मिलीं बड़ी कमियां
बीकेटीसी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, चढ़ावे की गणना (गिनती) से जुड़े मुख्य रजिस्टर की जांच में कई गंभीर कमियां और विसंगतियां सामने आई हैं। इन्हीं पुख्ता तथ्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए खजांची संदेश मेहता को दान गणना की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है और उन्हें पूजा कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है। उनकी जगह पूजा कार्यालय में कार्यरत केदार सिंह रावत को खजाने का नया जिम्मा सौंपा गया है।
🔴 तीन स्तरों पर चल रही है सघन जांच
चढ़ावे में हेराफेरी के इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल तीन अलग-अलग स्तरों पर जांच चल रही है:
- बीकेटीसी की चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति
- उत्तराखंड पुलिस की जांच टीम
- शासन स्तर पर गठित की गई उच्च स्तरीय विशेष समिति
ये तीनों एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले से जुड़े तमाम दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड्स और चढ़ावा गणना की पूरी प्रक्रिया की बेहद गहनता से जांच कर रही हैं।
🔴 गढ़वाल मंडलायुक्त की समिति ने किया मौका-मुआयना
बीते मंगलवार को गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय जांच समिति बदरीनाथ धाम पहुंची। समिति के सदस्यों ने मुख्य मंदिर में पहुंचकर चढ़ावे की गिनती की लाइव प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इसके साथ ही गणना कक्ष (काउंटिंग रूम) की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को भी खंगाला। अधिकारियों ने चढ़ावे के संग्रह से लेकर उसके लेखा-जोखा रखने की बारीकियों की पड़ताल की।
🔴 अन्य संदिग्ध कर्मचारियों पर भी गिरेगी गाज
सूत्रों के हवाले से खबर है कि बीकेटीसी अपनी आंतरिक जांच रिपोर्ट के आधार पर चढ़ावा गणना की ड्यूटी में तैनात रहे अन्य कर्मचारियों को भी जल्द ही ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने जा रही है। मंदिर समिति का साफ रुख है कि यदि जांच के दौरान किसी भी अन्य कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ न केवल सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी, बल्कि कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।
