उत्तराखंड हरिद्वार पुलिस को मिली बड़ी सफलता, पंजाब से जाली नोट गिरोह के दो सरगना गिरफ्तार, 1.05 लाख के नकली नोट और प्रिंटर बरामद,,,,,

हरिद्वार। उत्तराखंड की हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने जाली नोटों के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने पंजाब में दबिश देकर नकली नोट बनाने और सप्लाई करने वाले गिरोह के दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 1.05 लाख रुपये के जाली नोट, जाली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला एक प्रिंटर और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की गई है।
🔴 जेल में हुई थी दोस्ती, व्यापार की आड़ में रच रहे थे साजिश
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- पवन कुमार: निवासी ग्राम शिखर, गुरदासपुर (पंजाब)। यह आरोपी एक ढाबे के संचालन की आड़ में जाली नोटों का नेटवर्क चला रहा था। इसके पास से 5,000 रुपये के नकली नोट बरामद हुए।
- सुखबीर सिंह: निवासी भटिक्के, अमृतसर (पंजाब)। यह आरोपी कपड़ा बेचने के कारोबार की आड़ में इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था। इसके पास से 1 लाख रुपये के जाली नोट, प्रिंटर और कार बरामद हुई।
पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपियों की मुलाकात पहले जेल में हुई थी, जहां दोनों के बीच दोस्ती हुई और जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने मिलकर जाली नोटों का यह बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया।
🔴 50 हजार के बदले मिल रहे थे रुपए 1 लाख

पुलिस जांच के अनुसार, यह गिरोह असली करेंसी के बदले दोगुने मूल्य के नकली नोटों की सप्लाई करता था। आरोपी असली 50 हजार रुपये लेकर उसके बदले में एक लाख रुपये के जाली नोट देते थे और इस तरह मोटा मुनाफा कमा रहे थे।
🔴 कैसे खुला राज?
पिछले दिनों हरिद्वार शहर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने चार बाप-बेटों को जाली नोट बाजार में चलाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं के इनपुट दिए।
🟢 पुलिस टीम की मुस्तैदी
मिले सुरागों के आधार पर शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में गठित एक विशेष पुलिस टीम को पंजाब के पठानकोट भेजा गया, जहां सटीक रणनीतिक दबिश देकर दोनों सरगनाओं को दबोच लिया गया। पुलिस अब दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है, साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित चेहरों का पता लगाने में जुटी है।
