उत्तराखंड राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य, जनता के द्वार तक सेवाएं पहुंचाना ही सुशासन का असली अर्थ- पुष्कर सिंह धामी

सहसपुर (देहरादून)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य शासन और प्रशासन को आम जनता के बेहद करीब लाना है। सरकार की प्राथमिकता है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन खुद जनता के घर तक पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध कराए।
यह बात मुख्यमंत्री ने शनिवार को सहसपुर स्थित श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जनसेवा शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए कही।
🟢 लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि- सुशासन पर जोर

शिविर में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है। एक संवेदनशील, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासन ही वास्तविक सुशासन की पहचान है।” उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान जनता और सरकार के बीच के विश्वास को मजबूत कर रहा है। इसके जरिए समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि अभियान के पहले चरण में प्रदेशभर में 65 दिनों के भीतर लगभग 700 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिसमें 5 लाख से अधिक लोग शामिल हुए। अकेले देहरादून जिले में 46 शिविरों के माध्यम से 60 हजार से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की, जिनमें से 39 हजार लोगों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ दिया गया।
सेवा पखवाड़े की प्रगति: 4 जुलाई से शुरू हुए इस विशेष अभियान में अब तक 64 हजार से अधिक नागरिक भाग ले चुके हैं। प्राप्त हुई 5,567 जनसमस्याओं में से 4,951 का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा चुका है।
🟢 सहसपुर शिविर में उमड़ा जनसैलाब

सहसपुर में आयोजित इस शिविर में 1,000 से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण कराया। मौके पर ही पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं के प्रमाण-पत्र और सहायता राशि वितरित की गई। विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक सेवाएं भी प्रदान की गईं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और हवाई कनेक्टिविटी जैसे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने और देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाने जैसी ऐतिहासिक पहलों का भी जिक्र किया।
🟢 समस्याओं के त्वरित निस्तारण के कड़े निर्देश
शिविर के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद आगे बढ़कर लोगों की शिकायतें और मांगें सुनीं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देशों में शामिल हैं:
- कारबारी ग्रांट में सोलर लाइट लगाना।
- जूट बैग निर्माण हेतु महिलाओं को सिलाई मशीन उपलब्ध कराना।
- ग्रामीण आंतरिक सड़कों और जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था का विकास।
- श्मशान घाट, पार्क और ओपन जिम का निर्माण।
- ग्रामीण क्षेत्रों में डिस्पेंसरी (औषधालय) तथा एंबुलेंस की तत्काल व्यवस्था।
🟢 वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
इस गरिमामयी अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, दायित्वधारी विनय रोहिला, पुनीत मित्तल, ओमवीर सिंह, भुवन विक्रम डबराल, भाजपा जिलाध्यक्ष मीता सिंह और नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी उपस्थित रहीं। प्रशासनिक अमले से मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र डोभाल और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिनव शाह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
