उत्तराखंड जीत के लिए कांग्रेस ने झोंकी अपनी ताकत, राहुल गांधी, खरगे और प्रियंका के दौरों से मचेगा सियासी घमासान,,,
देहरादून: उत्तराखंड में पिछले दो विधानसभा चुनावों से सत्ता की दहलीज से दूर रही कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ वापसी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी नेतृत्व ने राज्य में राजनीतिक माहौल को गरमाने और सत्ता विरोधी लहर को भुनाने के लिए एक व्यापक और आक्रामक चुनावी ब्लूप्रिंट तैयार किया है। इसी सिलसिले में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के शीर्ष नेताओं का उत्तराखंड दौरा तय हो चुका है, जिसकी शुरुआत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दौरे से होने जा रही है।
“केसी वेणुगोपाल का कड़ा संदेश- गुटबाजी छोड़ें नेता, परिवर्तन संकल्प यात्रा को ब्लॉक स्तर तक ले जाने की रूपरेखा तैयार”
रणनीति के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आगामी 17 जुलाई को देहरादून के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं और छात्रों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इसके साथ ही वे प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में चुनावी तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे। राहुल गांधी के इस दौरे के तुरंत बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी समेत कई अन्य केंद्रीय दिग्गज नेताओं के भी राज्य में ताबड़तोड़ दौरे आयोजित किए जाएंगे।
🟢 कुमारी सैलजा की अध्यक्षता में 18 जुलाई को अंतिम बैठक
राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर के इन बड़े नेताओं के कार्यक्रमों और चुनावी रैलियों की विस्तृत रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए आगामी 18 जुलाई को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की अध्यक्षता में आयोजित होगी, जिसमें सभी सांगठनिक कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने की रणनीति तय होगी। इसके साथ ही, जनता के बीच पैठ मजबूत करने के उद्देश्य से चलाई जा रही ‘परिवर्तन संकल्प यात्रा’ को अब प्रत्येक ब्लॉक स्तर तक ले जाने की मुकम्मल तैयारी की जा रही है।
🟢 वेणुगोपाल की दो टूक: गुटबाजी बर्दाश्त नहीं, एकजुटता ही जीत की कुंजी
हाल ही में उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर आए राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और पूर्व विधायकों के साथ बंद कमरे में समीक्षा बैठक की। सूत्रों के अनुसार, वेणुगोपाल ने कड़े शब्दों में संदेश दिया है कि पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की गुटबाजी या अंतर्कलह के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने साफ किया कि आगामी चुनाव पूरी एकजुटता के साथ ही जीता जा सकता है, इसलिए सभी नेता आपसी मतभेदों को भुलाकर राज्य सरकार की नाकामियों को उजागर करने में जुट जाएं।
🟢 पर्वतीय क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता और ‘जिताऊ’ उम्मीदवार पर दांव
केंद्रीय नेतृत्व के दौरों के संबंध में यह विशेष रणनीति बनाई गई है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी के कार्यक्रमों में राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों को विशेष अधिमान (प्राथमिकता) दिया जाएगा।
वहीं, टिकट वितरण को लेकर भी पार्टी आलाकमान ने सख्त और स्पष्ट रुख अख्तियार कर लिया है। चुनाव में केवल ‘जिताऊ’ (विनेबिलिटी) उम्मीदवारों को ही मैदान में उतारा जाएगा। संभावित दावेदारों के गुण-दोष, क्षेत्र में उनकी सक्रियता, और जनता के बीच उनकी छवि का विभिन्न स्तरों पर बारीकी से परीक्षण करने के बाद ही प्रत्याशी चयन पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
🟢 मुख्य चुनावी मुद्दे एवं एजेंडा
- प्रमुख मुद्दे: बढ़ती बेरोजगारी, पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन, भ्रष्टाचार, बदहाल कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल संकट और बुनियादी सुविधाओं का अभाव।
- धार्मिक मुद्दे: राम मंदिर प्रबंधन और बदरीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के विषयों को पार्टी प्रमुखता से उठाएगी।
- घोषणा पत्र: जनहित के इन सभी ज्वलंत मुद्दों को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने के लिए जल्द ही एक विशेष ‘युवा टीम’ का गठन किया जाएगा।
