उत्तराखंड हरिद्वार में अवैध खनन पर बड़ा एक्शन, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने अनियमितता के चलते 5 रिटेल भंडारण किए निरस्त,,,

हरिद्वार। उत्तराखंड में अवैध खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण के खिलाफ राज्य सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए हरिद्वार जनपद में संचालित पांच रिटेल खनन भंडारण (Retail Storage) की अनुमतियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
यह दंडात्मक कार्रवाई भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के निदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में चलाए गए एक सघन छापेमारी और निरीक्षण अभियान के बाद की गई है।
🔴 एक ही सत्र में दो बार से अधिक पाई गईं अनियमितताएं
जांच टीम के मुताबिक, हरिद्वार जिले के विभिन्न रिटेल भंडारणों के औचक निरीक्षण के दौरान नियमों की गंभीर अनदेखी सामने आई। खनन भंडारण नियमावली के तहत, यदि कोई भंडारण संचालक एक ही खनन सत्र के दौरान दो बार से अधिक अनियमितताओं या अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उसकी स्वीकृति रद्द करने का प्रावधान है। इन पांचों मामलों में इस नियम का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने तुरंत उनकी लाइसेंस/स्वीकृति निरस्त कर दी।
🔴 इन 5 रिटेल भंडारणों पर हुई सख्त कार्रवाई
विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, जिन भंडारणों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं, उनके नाम और स्थान इस प्रकार हैं:
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- राकेश कुमार: ग्राम जैतपुर, तहसील लक्सर (भंडारण स्थल- ग्राम रामपुर रायघटी)
- मैसर्स चौहान ट्रेडिंग कंपनी (प्रो. रोहित): ग्राम भिक्कमपुर जीतपुर, तहसील लक्सर
- अमरदीप रणावत: निवासी देहरादून (भंडारण स्थल- ग्राम भिक्कमपुर जीतपुर, लक्सर)
- मैसर्स मां दुर्गा इंटरप्राइजेज (प्रो. कविता): ग्राम कबूलपुर रायघटी (भंडारण स्थल- ग्राम भिक्कमपुर, लक्सर)
- राबिया अंसारी: ग्राम भिक्कमपुर, तहसील लक्सर
“अवैध गतिविधियों पर नहीं होगी कोई रियायत”
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के निदेशक राजपाल लेघा ने इस कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदेश में अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी राजस्व की सुरक्षा के लिए शिकायतों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🔴 पूरे प्रदेश में जारी रहेगा सघन अभियान
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल हरिद्वार तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में उत्तराखंड के अन्य जिलों में भी अवैध खनन और भंडारण नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए औचक निरीक्षण, छापेमारी और प्रवर्तन (Enforcement) की कार्रवाई और तेज की जाएगी ताकि सरकारी राजस्व के हितों की पूरी तरह रक्षा हो सके।
