उत्तराखंड कुमाऊं में भू-माफियाओं पर कसेगा शिकंजा, एक ही प्लॉट को 5 बार बेचा, कमिश्नर दीपक रावत ने दिए 30 मामलों में FIR के निर्देश,,,,

हल्द्वानी। उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में जमीनों की बढ़ती खरीद-बिक्री के साथ ही धोखाधड़ी और लैंड फ्रॉड के मामलों में भारी उछाल आया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सोमवार को हल्द्वानी सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री के सचिव एवं कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में कमिश्नर ने भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कुल 30 मामलों में तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
🔴 77 मामलों की समीक्षा, इन जिलों में दर्ज होंगे केस
समिति के समक्ष भूमि संबंधी फर्जीवाड़े के कुल 77 मामले रखे गए थे, जिनकी गहन समीक्षा के बाद कमिश्नर दीपक रावत ने प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को कहा। कुल 30 चिन्हित मामलों में केस दर्ज करने की संस्तुति की गई है, जिसका विवरण निम्नलिखित है:
- नैनीताल जिला: 17 मामले
- ऊधम सिंह नगर: 12 मामले
- अल्मोड़ा जिला: 01 मामला
🔴 फर्जीवाड़े के चौंकाने वाले मामले- फौजियों से लेकर प्रवासियों तक को ठगा
बैठक में जमीनी धोखाधड़ी के कई हैरान करने वाले उदाहरण सामने आए, जो क्षेत्र में सक्रिय भू-माफियाओं के दुस्साहस को बयां करते हैं:
- एक ही प्लॉट की 5 बार रजिस्ट्री: हल्द्वानी के कठघरिया क्षेत्र में माफियाओं ने एक ही प्लॉट की पांच बार रजिस्ट्री कर अलग-अलग खरीदारों को करोड़ों का चूना लगाया। इसमें सेना से सेवानिवृत्त एक जवान भी ठगी का शिकार हुआ है।
- काशीपुर में चार बार बेची जमीन: काशीपुर में भी इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिला, जहां एक ही प्लॉट को चार बार बेचकर आम जनता की गाढ़ी कमाई लूटी गई।
- नजूल भूमि पर ही कर दी प्लाटिंग: रुद्रपुर में भू-माफियाओं ने दुस्साहस की सारी हदें पार करते हुए करीब तीन बीघा सरकारी (नजूल) भूमि पर अवैध प्लाटिंग की और उसे बेच दिया।
- दिल्ली के खरीदारों से रानीखेत में धोखा: रानीखेत में दिल्ली के छह लोगों को एक प्रॉपर्टी डीलर ने पहले प्राइम लोकेशन पर जमीन दिखाई और पैसे ऐंठ लिए। रजिस्ट्री के वक्त उन्हें जंगल के पास की कोई अन्य विवादित भूमि थमाने का प्रयास किया गया।
- बैंक की मिलीभगत से फौजी के मकान पर 75 लाख का लोन: कठघरिया में भू-माफिया और गाजियाबाद के एक बैंक के अधिकारियों ने मिलकर एक फौजी के मकान पर ₹75 लाख का लोन पास करा लिया। फौजी की पत्नी को झांसे में रखकर पहले से चल रहा ₹12 लाख का लोन चुकता कराया गया और फिर रकम दोगुनी करने का लालच देकर यह बड़ा खेल हुआ। अब पीड़ित परिवार का मकान नीलामी की कगार पर है।
🔴 रजिस्ट्रार और पटवारी की तय होगी जवाबदेही
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने जमीनी फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया कि:
”एक ही संपत्ति की बार-बार रजिस्ट्री होने की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए रजिस्ट्रार और सब-रजिस्ट्रार सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे। इसके अलावा, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) से पहले लेखपाल/पटवारी द्वारा मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण (Physical Verification) न करना एक गंभीर लापरवाही है। बिना भौतिक सत्यापन के रिकॉर्ड बदलने से ही गलत भूमि हस्तांतरण, सीमा विवाद और धोखाधड़ी पनप रही है।”
कमिश्नर ने सभी पटवारियों को अनिवार्य रूप से मौके पर जाकर जमीन की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
🟢 बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी
इस उच्च स्तरीय बैठक में कुमाऊं परिक्षेत्र की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक अमले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, नैनीताल के एसएसपी मंजुनाथ टीसी, ऊधम सिंह नगर के डीएम नितिन भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, एडीएम पंकज उपाध्याय और हल्द्वानी के नगर आयुक्त परितोष वर्मा मुख्य रूप से शामिल थे।
