उत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, रामनगर डिग्री कॉलेज से एक साथ 21 प्राध्यापकों का तबादला, व्यवस्था चरमराई,,,,

रामनगर (उत्तराखंड): उत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग के एक नए स्थानांतरण (ट्रांसफर) आदेश ने रामनगर के पीएनजी राजकीय महाविद्यालय में भारी उथल-पुथल मचा दी है। विभाग द्वारा जारी इस आदेश के तहत महाविद्यालय से एक साथ 21 प्राध्यापकों का तबादला कर दिया गया है, जबकि उनके स्थान पर केवल 17 नए प्रोफेसरों की ही तैनाती की गई है।
इस असंतुलित फेरबदल के कारण कॉलेज की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह डगमगा गई है।
🔴 संकट में छात्र, संस्कृत विषय के लिए कोई शिक्षक नहीं
इस थोक तबादले का सबसे बड़ा खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। स्नातक (Graduation) स्तर पर संस्कृत पढ़ाने वाले एकमात्र प्राध्यापक का ट्रांसफर तो कर दिया गया, लेकिन उनकी जगह किसी अन्य शिक्षक को नियुक्त नहीं किया गया है। इसके चलते संस्कृत विषय के छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
🔴 कई महत्वपूर्ण विषयों में स्टाफ की भारी कमी
सिर्फ संस्कृत ही नहीं, बल्कि कई अन्य मुख्य विषयों में भी शिक्षकों की संख्या घटा दी गई है,,,,,
|
विषय |
ट्रांसफर हुए प्राध्यापक |
नए नियुक्त प्राध्यापक |
शुद्ध कमी |
|---|---|---|---|
|
समाजशास्त्र (Sociology) |
02 |
01 |
-1 |
|
भूगोल (Geography) |
02 |
01 |
-1 |
|
वनस्पति विज्ञान (Botany) |
03 |
02 |
इसके अतिरिक्त, रसायन विज्ञान (Chemistry) के एक संविदा प्राध्यापक भी नए स्थाई प्राध्यापक के आने से प्रभावित हुए हैं। कॉलेज के कुल 20 स्थाई प्राध्यापकों को प्रदेश के विभिन्न दूरदराज क्षेत्रों—जैसे बाजपुर, द्वाराहाट, रुद्रपुर, गणाई गंगोली, काशीपुर, मानिला, गोपेश्वर, रानीखेत, कर्णप्रयाग, लोहाघाट, जयहरीखाल, अगस्त्यमुनि, नैनीडांडा, बेरीनाग और उत्तरकाशी भेजा गया है।
🔴 चल रही परीक्षाओं पर संकट के बादल
महाविद्यालय में आगामी 10 जुलाई तक सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित होनी हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में अनुभवी शिक्षकों का एक साथ जाना और नए प्राध्यापकों की जॉइनिंग की प्रक्रिया शुरू होना, परीक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस अव्यवस्था से परीक्षा संचालन और मूल्यांकन कार्य प्रभावित होने की पूरी आशंका है।
🔴 SIR ड्यूटी में तैनात प्राध्यापकों को कार्यमुक्त करने की मांग
कॉलेज के चार प्राध्यापक वर्तमान में एसआईआर (SIR) ड्यूटी में तैनात हैं, जिनका ट्रांसफर हो चुका है। परीक्षा और कॉलेज की तात्कालिक व्यवस्था को देखते हुए, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एमसी पांडे ने संबंधित विभाग को पत्र लिखकर इन प्राध्यापकों को एसआईआर ड्यूटी से तत्काल कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया है, ताकि वे कॉलेज से जुड़े जरूरी प्रशासनिक कार्यों को निपटा सकें।
