हरिद्वार खुले नाले में सीवर का गंदा पानी बहाने वाले अज्ञात ट्रैक्टर-सक्शन मशीन स्वामी पर मुकदमा दर्ज, जल संस्थान का नाम कर रहा था बदनाम,,,

हरिद्वार। भूपतवाला क्षेत्र में उत्तराखंड जल संस्थान का नाम लिखकर खुले नाले में अपशिष्ट (सीवर) का गंदा पानी बहाने वाले एक अज्ञात ट्रैक्टर-सक्शन मशीन चालक/स्वामी के खिलाफ नगर कोतवाली में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश पर जल संस्थान ने यह कानूनी कार्रवाई की है।
🔴 गंगा संरक्षण समिति की बैठक में खुला था राज
जिला गंगा संरक्षण समिति की उच्च स्तरीय बैठक के दौरान एक वीडियो क्लिप सामने आई, जिसमें भूपतवाला क्षेत्र के एक खुले नाले में ट्रैक्टर-सक्शन मशीन द्वारा सीवर का गंदा पानी अवैध रूप से बहाया जा रहा था। चौंकाने वाली बात यह थी कि उस ट्रैक्टर पर ‘उत्तराखंड जल संस्थान’ लिखा हुआ था। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए तुरंत वीडियो क्लिप अधिशासी अभियंता को भेजकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
🔴 जल संस्थान के पास नहीं है कोई ट्रैक्टर-सक्शन मशीन
जिलाधिकारी के निर्देश पर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने जब पूरे मामले की जांच की, तो एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। अधिशासी अभियंता ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि:
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- उत्तराखंड जल संस्थान के पास इस प्रकार की कोई भी ट्रैक्टर-सक्शन मशीन उपलब्ध नहीं है।
- किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से विभाग के नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है ताकि वह अपनी अवैध गतिविधियों को छिपा सके।
🔴 अधिशासी अभियंता का बयान
“विभाग का नाम बदनाम कर और नियमों को ताक पर रखकर खुले नाले में गंदगी बहाने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। जिलाधिकारी के आदेश पर तुरंत मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।”
🔴 नगर कोतवाली में FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिशासी अभियंता अजय कुमार के निर्देश पर जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता ने तुरंत नगर थाना कोतवाली हरिद्वार में अज्ञात ट्रैक्टर-सक्शन मशीन और उसके चालक/स्वामी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर ट्रैक्टर की पहचान और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
