उत्तराखंड प्रेस क्लब हरिद्वार में हुआ हिंदी पत्रकारिता दिवस पर द्विशताब्दी समारोह, “AI के युग में भी अटूट है प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता”,,,,,

हरिद्वार। हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रेस क्लब हरिद्वार की ओर से ‘द्विशताब्दी समारोह’ एवं संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व राज्यपाल (पद्मभूषण) भगत सिंह कोश्यारी, मुख्य वक्ता मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर गोविंद सिंह, प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
🟢 वरिष्ठ पत्रकारों और मेधावी छात्रों का सम्मान

समारोह के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया:
- गोपाल रावत (वरिष्ठ पत्रकार): स्व. मधुकांत प्रेमी स्मृति पुरस्कार।
- राहुल वर्मा: स्व. पीएस चौहान स्मृति पुरस्कार। इसके साथ ही पत्रकारिता की पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया गया।
🟢 मुख्य अतिथियों एवं वक्ताओं के प्रमुख विचार

“एआई के युग में भी प्रिंट मीडिया के बिना रह नहीं सकते” — भगत सिंह कोश्यारी (पूर्व राज्यपाल)
पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने प्रेस क्लब हरिद्वार को उत्तराखंड का आदर्श प्रेस क्लब बताया। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर हिंदी की धाक बढ़ी है और देश के प्रधानमंत्री भी वैश्विक नेताओं से हिंदी में संवाद करते हैं। एआई (Artificial Intelligence) के इस आधुनिक युग में भी प्रिंट मीडिया की जरूरत और विश्वसनीयता खत्म नहीं हो सकती, क्योंकि भारत के पास ‘आध्यात्मिक इंटेलिजेंस’ की अमूल्य विरासत है। उन्होंने भारतीय भाषाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
“1857 की क्रांति में हिंदी पत्रकारिता की रही महत्वपूर्ण भूमिका” – प्रो. गोविंद सिंह
‘मीडिया काउंसिल की अपरिहार्यकर्ता’ विषय पर बोलते हुए प्रो. गोविंद सिंह ने हिंदी पत्रकारिता के संघर्षपूर्ण इतिहास को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि 1826 में पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा कोलकाता से शुरू किए गए पहले हिंदी साप्ताहिक अखबार ‘उदंत मार्तंड’ ने पत्रकारिता के कड़े मापदंड स्थापित किए थे। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया ने लिखने की आजादी तो दी है, लेकिन इस दौर में भी प्रिंट मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता को मजबूती से कायम रखा है।
“समाज को आईना दिखाने का काम करती है पत्रकारिता” — स्वामी कैलाशानंद गिरी
अपने अध्यक्षीय संबोधन में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि समाज में घट रही घटनाओं को पूरी निष्पक्षता और विश्वसनीयता के साथ सामने रखना ही सच्ची पत्रकारिता है। पत्रकार समाज के सजग प्रहरी हैं और निर्भीक पत्रकारिता से ही देश मजबूत होगा।
🟢 गौरवशाली सफर को आगे बढ़ाने का संकल्प
प्रेस क्लब के अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी और महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने सभी अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंटकर आभार जताया। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के गौरव को अक्षुण्ण रखने के लिए प्रेस क्लब लगातार इस तरह के वैचारिक आयोजनों की श्रृंखला चला रहा है।
🟢 मंच संचालन व उपस्थिति:
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार दीपक नौटियाल ने किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर संयोजक समिति के सुनील दत्त पांडे, आदेश त्यागी, काशीराम सैनी, मेहताब आलम सहित प्रो. राधिका नागरथ, संजय रावल, डॉ. शिवा अग्रवाल, गौरव चक्रपाणी और भारी संख्या में जिले के वरिष्ठ पत्रकार, बुद्धिजीवी व गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
