उत्तराखंड हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जमीन की खरीद-फरोख्त और लैंड यूज चेंज पर तत्काल प्रभाव से लगाई रोक,,,,

लक्सर (हरिद्वार)। हरिद्वार जनपद के लक्सर क्षेत्र में प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग (ग्रीनफील्ड हाईवे) परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर लक्सर तहसील के 12 प्रभावित गांवों में भूमि की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री-बैनामा, और भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के नए या अनाधिकृत निर्माण कार्यों पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।
🟢 इन 12 गांवों पर लागू हुआ प्रतिबंध
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, इस प्रतिबंध के दायरे में लक्सर तहसील के निम्नलिखित गांव शामिल हैं:
- मदारपुर
- मिर्जापुर उर्फ मोहनवाला
- पौडोवाली
- टांडा जलालपुर
- प्रहलादपुर
- रघुनाथपुर उर्फ बालावाली
- बालचन्दवाला
- अलामपुर
- हस्तमौली
- शाहपुर
- गिद्धावाली
- कलसिया
🟢 पानीपत-गोरखपुर हाईवे के लिए भूमि अर्जन की तैयारी
विशेष भूमि अध्यापन अधिकारी आकाश जोशी ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) रुड़की द्वारा पानीपत से गोरखपुर तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे (शामली-पुवायां फेज-1) परियोजना के अंतर्गत किलोमीटर 20 से 32 तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा-3ए के तहत कार्रवाई प्रस्तावित है। यह प्रतिबंध धारा-3ए की प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगा।
🟢 क्यों लिया गया यह फैसला?
अधिकारियों के मुताबिक, धारा-3ए के तहत सरकार भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना जारी करती है। अक्सर देखा गया है कि हाईवे की जानकारी मिलते ही कुछ लोग मुआवजा बढ़ाने के उद्देश्य से प्रभावित जमीनों को खरीद लेते हैं, कृषि भूमि का लैंड यूज बदल देते हैं या तेजी से अवैध निर्माण शुरू कर देते हैं। इससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है और परियोजनाएं विवादों में फंस जाती हैं। इसी धांधली और विवाद को रोकने के लिए जमीन की यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया है।
🟢 क्षेत्र के विकास और किसानों को मिलेगा लाभ
प्रशासन का मानना है कि इस कदम से भू-माफियाओं पर लगाम लगेगी और बिना किसी कानूनी बाधा के हाईवे का निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सकेगा। हाईवे बन जाने से स्थानीय किसानों को अपनी फसलों के परिवहन में आसानी होगी और पूरे लक्सर क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
