उत्तराखंड लोहाघाट में ऊर्जा निगम की बड़ी लापरवाही, तीन महीने से बंद पड़े घर का थमाया ₹1800 का बिजली बिल, व्यापारियों में आक्रोश,,,,,

लोहाघाट। उत्तराखंड ऊर्जा निगम द्वारा उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे मनमाने और भारी-भरकम बिजली बिलों को लेकर स्थानीय जनता और व्यापारियों में गहरा रोष व्याप्त है। बुधवार को बिलों में गड़बड़ी और अत्यधिक बढ़ोतरी से नाराज दर्जनों उपभोक्ता और व्यापारी अपनी शिकायत लेकर ऊर्जा निगम के कार्यालय पहुंचे और विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
🔴 बंद पड़े घरों के भी आ रहे भारी-भरकम बिल
नगर व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष दिनेश सुतेड़ी के नेतृत्व में स्टेशन बाजार के व्यापारियों ने ऊर्जा निगम कार्यालय में प्रदर्शन कर बढ़े हुए बिलों के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। व्यापार मंडल उपाध्यक्ष दिनेश सुतेड़ी ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “मेरा मकान पिछले तीन महीनों से पूरी तरह बंद है और उसमें ताला लटका हुआ है। इसके बावजूद ऊर्जा निगम ने मुझे 1800 रुपये का बिजली बिल भेज दिया है, जो पूरी तरह से तर्कहीन और अनुचित है।”
🔴 चार गुना तक बढ़े बिल, व्यापारियों ने उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान अन्य व्यापारियों ने भी अपने बढ़े हुए बिल दिखाते हुए नाराजगी जाहिर की। स्टेशन बाजार के व्यापारी जगदीश राय को ₹2,700, कमल राय को ₹2,300 और कमल रावत को ₹2,000 का बिल भेजा गया है।
वहीं, स्थानीय व्यापारी घनश्याम जोशी ने बताया कि उनका बिजली बिल पिछले महीनों की तुलना में अचानक चार गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा, “हम शाम के समय दुकान में महज एक एलईडी बल्ब जलाते हैं और रात को जाते समय मुख्य स्विच (Main Switch) भी बंद कर देते हैं। अमूमन हमारा बिल अधिकतम 500 रुपये तक ही आता था, लेकिन इस बार विभाग ने सारी सीमाएं पार कर दी हैं।” व्यापारियों ने एकजुट होकर ऊर्जा निगम से इन त्रुटिपूर्ण बिलों में तत्काल सुधार करने की मांग की है।
🟢 विभाग की सफाई, शिकायत मिलने पर होगा संशोधन
मामले पर संज्ञान लेते हुए ऊर्जा निगम के अभियंता ललित बिष्ट ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि यदि किसी का बिल असामान्य रूप से बढ़कर आया है, तो वे कार्यालय में अपनी लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
अभियंता ने कहा, “शिकायत मिलने पर संबंधित परिसर की बिजली रीडिंग की दोबारा जांच (Re-reading) करवाई जाएगी। यदि उपभोक्ता संतुष्ट नहीं हैं, तो वे चेक मीटर लगाने के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। जांच में किसी भी प्रकार की तकनीकी या मानवीय गड़बड़ी पाए जाने पर बिल में उचित संशोधन किया जाएगा।”
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान नवल राय, हरीश राय, मनोज राय समेत क्षेत्र के कई प्रमुख व्यापारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
