लखनऊ से नैनीताल का सफर अब सिर्फ 5 घंटे में, बरेली-हल्द्वानी के बीच बनेगा 100 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, खर्च महज ₹15 के करीब,,,,

देहरादून/बरेली: उत्तराखंड के पहाड़ों की सैर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने उत्तर प्रदेश के बरेली से उत्तराखंड के हल्द्वानी तक 100 किलोमीटर लंबे एक नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से लखनऊ से नैनीताल के बीच लगने वाला समय लगभग आधा रह जाएगा।
प्रमुख हाइलाइट्स

- दूरी और समय: वर्तमान में लखनऊ से नैनीताल पहुँचने में 8 से 9 घंटे लगते हैं, जो एक्सप्रेसवे बनने के बाद घटकर मात्र 5 घंटे रह जाएंगे।
- लेन की संख्या: यह एक अत्याधुनिक 4-लेन एक्सप्रेसवे होगा।
- ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट: यह पूरी तरह से नया मार्ग होगा, जहाँ बिजली और अन्य ऊर्जा की जरूरतें ग्रीन एनर्जी (सौर ऊर्जा आदि) से पूरी की जाएंगी।
- लागत प्रभावी: सालाना टोल पास की सुविधा के चलते, नियमित यात्रियों के लिए एक तरफ का खर्च महज ₹15 के करीब आने का अनुमान है।
कनेक्टिविटी का नया जाल
NHAI की योजना के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे को बरेली में एक इंटरचेंज के जरिए दिल्ली-मुरादाबाद-बरेली हाईवे से जोड़ा जाएगा। इससे न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि दिल्ली-एनसीआर के पर्यटकों के लिए भी नैनीताल की राह आसान हो जाएगी।
भविष्य की योजना
इस एक्सप्रेसवे को आगामी शामली-गोरखपुर कॉरिडोर (यूपी का सबसे लंबा प्रस्तावित ई-वे) से भी जोड़ने की तैयारी है। इसके बाद गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग भी सीधे और कम समय में उत्तराखंड की वादियों तक पहुँच सकेंगे।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
वर्तमान में बरेली से हल्द्वानी के बीच खराब सड़कों और भारी ट्रैफिक जाम के कारण यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। नया एक्सप्रेसवे बनने से:
- वीकेंड टूरिज्म: दिल्ली और लखनऊ के लोग छुट्टियों में आसानी से पहाड़ों का रुख कर सकेंगे।
- जाम से मुक्ति: बरेली शहर और आसपास के इलाकों में लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी।
- सुरक्षित सफर: आधुनिक डिजाइन के कारण यह मार्ग अधिक सुरक्षित और सुगम होगा।
इस परियोजना के धरातल पर उतरने से उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यापार में भी वृद्धि होगी।
