उत्तराखंड सब-रजिस्ट्री ऑफिस में हुआ बड़ा घोटाला, DM की रेड में करोड़ों की गड़बड़ी उजागर, उप निबंधक को किया निलंबन,,,,

देहरादून: विकासनगर स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में गंभीर अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर स्टांप शुल्क चोरी का खुलासा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उप निबंधक अपूर्वा सिंह के निलंबन तथा विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी है।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को राजस्व हितों की सुरक्षा, भ्रष्टाचार पर अंकुश और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
🟢 वर्षों से दबाकर रखे गए मूल विलेख और लंबित रजिस्ट्रियां बरामद
जिलाधिकारी ने 4 मई को विकासनगर उप निबंधक कार्यालय में औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान वर्ष 2018 से लेकर 2025 तक के सैकड़ों मूल विलेख पत्र संदिग्ध परिस्थितियों में कार्यालय में पड़े मिले। इनमें कई ऐसे दस्तावेज भी शामिल थे, जिन्हें पंजीकरण के बाद महीनों और वर्षों तक संबंधित पक्षों को जारी नहीं किया गया।
इसके अलावा 25 रजिस्ट्रियां बिना किसी स्पष्ट कारण के अभिलिखित या सूचित किए बिना लंबित पाई गईं। इस संबंध में संतोषजनक उत्तर न मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अभिलेख जब्त कर विस्तृत जांच के आदेश दिए।
🟢 गोल्डन फॉरेस्ट की प्रतिबंधित भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त उजागर।
निरीक्षण के दौरान मा. उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित Golden Forests India Limited से संबंधित खातों में 150 अवैध रजिस्ट्रियां सामने आईं। प्रारंभिक जांच में पता चला कि प्रतिबंधित भूमि की खरीद-फरोख्त नियमों की अनदेखी करते हुए की गई।
प्रशासन को यह भी जानकारी मिली है कि वर्षों में गोल्डन फॉरेस्ट की भूमि से जुड़ी सैकड़ों संदिग्ध रजिस्ट्रियां दर्ज की गईं। इन मामलों में तत्कालीन कर्मचारियों और पूर्व में तैनात अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
🟢 धारा 47-ए के 47 मामले चिन्हित, करोड़ों के राजस्व नुकसान की आशंका
जांच में भारतीय स्टांप अधिनियम की धारा 47-ए के अंतर्गत स्टांप शुल्क अपवंचन से जुड़े 47 प्रकरण चिन्हित किए गए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार यह मामला करोड़ों रुपये के संभावित राजस्व नुकसान से जुड़ा हो सकता है।
इसके अतिरिक्त यह भी पाया गया कि स्टांप शुल्क अपवंचन के बहुत कम मामले उच्चाधिकारियों को भेजे गए, जबकि वास्तविक अनियमितताओं का दायरा कहीं अधिक व्यापक प्रतीत होता है।
🟢 रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालय संचालन में गंभीर खामियां।
निरीक्षण में कार्यालय संचालन में पारदर्शिता की कमी, अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही, प्रक्रियात्मक नियमों का उल्लंघन तथा रिकॉर्ड प्रबंधन में गंभीर कमियां सामने आईं। जिलाधिकारी ने इन सभी पहलुओं की समग्र जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
🟢 पूर्व सब-रजिस्ट्रारों के कार्यकाल की भी होगी जांच
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल वर्तमान अधिकारियों ही नहीं, बल्कि पूर्व में तैनात सभी सब-रजिस्ट्रारों के कार्यकाल के दौरान हुई संदिग्ध गतिविधियों की भी गहन जांच की जाएगी। दोषियों के विरुद्ध विभागीय और विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
🟢 भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति
जिलाधिकारी ने कहा कि पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में राजस्व और भूमि संबंधी मामलों में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितताओं के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी प्रशासन सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
