उत्तराखंड में अचानक मौसम ने मचाया तांडव, देहरादून में ओलावृष्टि के साथ तूफानी बारिश, 4-5 मई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी,,,,

देहरादून: उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। रविवार सुबह से ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। राजधानी देहरादून सहित आसपास के इलाकों में सुबह की शुरुआत घने काले बादलों और तेज हवाओं के साथ हुई, जिसके बाद देखते ही देखते तूफानी बारिश और भारी ओलावृष्टि शुरू हो गई। इस अचानक हुए बदलाव से जनजीवन प्रभावित हुआ है और प्रशासन ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
अगले 48 घंटे भारी: 5 जिलों में बर्फबारी और मैदानों में अंधड़
मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी 4 और 5 मई के लिए प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:
- पर्वतीय क्षेत्र: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
- बर्फबारी: 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी का अनुमान जताया गया है।
- मैदानी इलाके: देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, और ऊधम सिंह नगर जैसे जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश का येलो/ऑरेंज अलर्ट है।
प्रशासन की तैयारी: आपदा प्रबंधन विभाग ‘हाई अलर्ट’ पर
बिगड़ते मौसम को देखते हुए शासन-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सचिव आपदा प्रबंधन, विनोद कुमार सुमन ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं:
- त्वरित कार्रवाई: किसी भी आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव दल को तत्काल ‘रिस्पॉन्स मोड’ में रहने को कहा गया है।
- ट्रैकिंग पर रोक: पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों को नियंत्रित करने और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
- सड़क मार्ग: राष्ट्रीय राजमार्ग, PWD, PMGSY और सीमा सड़क संगठन (BRO) को अलर्ट किया गया है ताकि मार्ग अवरुद्ध होने पर उन्हें तुरंत खोला जा सके।
- छात्रों की सुरक्षा: स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की गई हैं।
आमजन के लिए सावधानी
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन ने अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेषकर ओलावृष्टि और तेज हवाओं के समय सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
