उत्तराखंड उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत, ‘समान काम-समान वेतन’ के लिए पुराने अनुबंध पत्र को निरस्त कर नया अनुबंध ड्राफ्ट तैयार,,,,

देहरादून। उत्तराखंड में ‘समान काम और समान वेतन’ की राह देख रहे हजारों उपनल कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। शासन के कार्मिक विभाग ने अनुबंध की नई शर्तें तय करते हुए संशोधित ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। कार्मिक सचिव शैलेश बगौली के अनुसार, पुराने अनुबंध पत्र को निरस्त कर नया मसौदा औपचारिक परामर्श के लिए वित्त विभाग को भेज दिया गया है।
“श्रेणीवार व्यवस्था खत्म, अब पद के आधार पर मिलेगा वेतन; वित्त विभाग को भेजा गया संशोधित प्रस्ताव”
इस नए अनुबंध के लागू होते ही उपनल कर्मचारी अपने संबंधित विभागों में अनुबंध की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे, जिससे उन्हें समान वेतन का लाभ मिलना सुनिश्चित होगा।
नए अनुबंध की मुख्य विशेषताएँ:
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- श्रेणीवार भेदभाव का अंत: अब तक प्रचलित अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल जैसी श्रेणियों को समाप्त कर दिया गया है। अब कर्मचारियों को उनके पद के अनुसार संबंधित विभाग के स्थायी पद के समकक्ष माना जाएगा।
- अनुशासनात्मक संरक्षण: विभाग अब कर्मचारियों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई नहीं कर पाएंगे। किसी भी प्रशासनिक निर्णय से पहले कर्मचारी को सक्षम अधिकारी के समक्ष अपील और सुनवाई का अधिकार दिया गया है।
- यूपीसीएल में स्क्रीनिंग कमेटी गठित: उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने इस प्रक्रिया में तेजी लाते हुए चीफ-सिविल आशीष अरोड़ा की अध्यक्षता में एक स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है, जो एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
”हमारा प्रयास है कि अनुबंध पत्र को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाए ताकि कर्मचारियों को अविलंब समान वेतन का लाभ मिल सके।”- शैलेश बगौली, सचिव (कार्मिक)
कर्मचारी महासंघ की मांग: जल्द जारी हो आदेश
उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने सरकार से संशोधित अनुबंध पत्र को तत्काल जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शर्तों के स्पष्ट न होने के कारण कर्मचारियों में निराशा है और प्रक्रिया में देरी से उनका आर्थिक नुकसान हो रहा है।
समिति के प्रमुख सदस्य:
यूपीसीएल द्वारा गठित समिति में डीजीएम (वित्त) अमित कंसल, एसई प्रदीप पंत, वरिष्ठ विधि अधिकारी महेंद्र कुमार और वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी राजेश भौरे को शामिल किया गया है।
