उत्तराखंड बुद्ध पूर्णिमा पर हरिद्वार में आस्था की डुबकी, खराब मौसम के बावजूद उमड़ा जनसैलाब, सुरक्षा के कड़े इंतजाम,,,,

हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार में आज बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। ब्रह्मकुंड, हरकी पैड़ी सहित गंगा के विभिन्न घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हिंदू धर्म में बुद्ध पूर्णिमा के स्नान का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है, जिसके चलते भारी संख्या में लोग देश के विभिन्न कोनों से यहाँ पहुंचे हैं।
मौसम का असर, फिर भी अटूट रही श्रद्धा
इस वर्ष स्नान पर्व पर मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। आंधी और हल्की बूंदाबांदी के कारण श्रद्धालुओं की सामान्य संख्या में पिछले वर्षों के मुकाबले आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद, श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और लाखों की संख्या में लोगों ने ठंडे जल में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। राहत की बात यह रही कि स्नान के साथ-साथ श्रद्धालुओं की वापसी का सिलसिला भी जारी रहा, जिससे घाटों पर भीड़ का दबाव अनियंत्रित नहीं हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था: चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर

मेला क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक ब्लूप्रिंट तैयार किया है:
- सेक्टर प्रणाली: पूरे मेला क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी अनुभवी सेक्टर प्रभारियों को सौंपी गई है।
- निगरानी: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं मेला क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं और व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
- यातायात प्रबंधन: शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।
धार्मिक महत्व
मान्यता है कि बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से मानसिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। घाटों पर स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की और गरीबों को दान देकर अपनी यात्रा को सफल बनाया।
प्रशासन के अनुसार, शाम तक स्नान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने की उम्मीद है। जल पुलिस और गोताखोरों की टीम को भी संवेदनशील घाटों पर तैनात रखा गया है।
