उत्तराखंड चारधाम में बर्फबारी और बारिश का कहर, यात्रा तैयारियों पर पड़ा असर, अप्रैल में कड़ाके की ठंड और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई जमकर बर्फबारी,,,

देहरादून: बीते दो दिन केदारनाथ-बदरीनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री धाम सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। चकराता क्षेत्र की ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर अप्रैल माह के पहले सप्ताह में ही बुधवार को इस सीजन की पांचवीं बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फबारी के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और ठंड का असर बढ़ गया है।
केदारनाथ में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। वहीं यमुनोत्री धाम में दो दिन बाद बर्फबारी थमी। आज चटख धूप खिलने बाद यमुनोत्री धाम का अद्भुत नजारा देखने को मिला। उधर बदरीनाथ से औली तक क्षेत्र बर्फ से ढका है।
चमोली देवाल में मंगलवार की रात्रि से लगातार हो रही बारिश पर्यटन स्थल रूपकुंड, वेदनी बुग्याल, आली बुग्याल, बगजी बुग्याल, ब्रह्मताल, भीकलताल बर्फ से ढक गए हैं। लगातार हो रही बर्फबारी व सर्द हवा चलने से वेदनी आली- बुग्याल से 26 व भीकलताल- ब्रह्मताल रूट पर गए 23 पर्यटक बुधवार के शाम बेस कैंप लोहाजंग पहुंचे।

बलाण गांव के विक्की कुमार ने बताया कि बलाण गांव में लगातार हो रही बर्फबारी से लोग अपने घरों में कैद हो गए। वहीं लोहाजंग में कार्यरत वन विभाग के कर्मी बलवीर सिंह बिष्ट ने बताया कि वेदनी बुग्याल व ब्रह्मताल में बर्फबारी व ठंड बढने से सभी पर्यटक वापस वेस कैंप लोहाजन पहुंच गए हैं। वहीं हिमालयी क्षेत्र के गांव वाण, वांक, पिनाऊ, घेस, हिमनी, बलाण, कुलिंग, दीदना गांव में शर्द हवा व बारिश से ठंड बढ गई है। लगातार बारिश व ठंड बढने से हिमालयी क्षेत्र के गांव में भी रुक- रुककर बर्फबारी हो रही है।
🔴 बर्फबारी और बारिश ने बढ़ाई चिंता, यात्रा तैयारियां प्रभावित
यमुनोत्री धाम क्षेत्र में मंगलवार रात्रि से लगातार बर्फबारी जारी है। जबकि निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यात्रा सीजन से ठीक पहले बदले मौसम ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। यमुनोत्री क्षेत्र में चल रहे निर्माण और व्यवस्थाओं के कार्य मौसम की मार से प्रभावित हुए हैं। यमुनाघाटी में लगातार बारिश और बर्फबारी के चलते जहां ठंड ने फिर से दस्तक दी है वहीं इसका सीधा असर आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों पर पड़ रहा है।

🔴 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर खुलेंगे यमुनोत्री धाम के कपाट
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, गौरव उनियाल और प्रदीप उनियाल ने बताया कि लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण कार्यों में बाधा आ रही है। वहीं यमुनोत्री हाईवे पर पाली गाड से फूलचट्टी के बीच कई स्थानों पर सड़क दलदल में तब्दील हो गई है, जिससे आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे लेकिन मौसम की प्रतिकूलता से यात्रा व्यवस्थाएं प्रभावित होने से दिक्कत बढ़ सकती है। फिलहाल हाईवे चौड़ीकरण, जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक सुधारीकरण, यमुनोत्री में रसोईघर, चेंजिंग रूम, अस्थाई पुलिया और रंग-रोगन जैसे कार्य जारी हैं।
🔴 बदरीनाथ से औली तक बर्फ, अप्रैल में भी जनवरी जैसी ठंड
बुधवार को चमोली जिले में सुबह से दिनभर बारिश और बर्फबारी होती रही। बदरीनाथ धाम से लेकर औली तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। वहीं निचले क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से अप्रैल माह में भी जनवरी की ठंड का अहसास हो रहा है। बुधवार सुबह से ही बारिश शुरू हो गई और देर शाम तक होती रही। वहीं हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, बदरीनाथ धाम, नीती घाटी, औली सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई। अप्रैल माह में बर्फबारी से औली पूरी तरह बर्फ से लकदक हो गई है। चारों तरफ चोटियां बर्फ से ढकी हैं। बारिश-बर्फबारी से जिले में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है।

🔴 गंगोत्री-यमुनोत्री में बर्फबारी, बारिश से फसलों को नुकसान
उत्तरकाशी पुरोला में खराब मौसम का दौर जारी रहने से गंगोत्री-यमुनोत्री धाम सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फिर से बर्फबारी हुई है। जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश के कारण ठंड लौटी है। साथ ही लगातार बारिश और ओलावृष्टि के कारण रवांई घाटी क्षेत्र में किसानों की खड़ी फसल और सेब बागानों को काफी नुकसान पहुंचा है।
यमुनोत्री क्षेत्र में मंगलवार मध्य रात्रि से बर्फबारी जारी है, जबकि यमुनाघाटी के निचले इलाकों में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से यमुनोत्री हाईवे सहित अन्य लिंक सड़कों पर कीचड़ और दलदल की स्थिति बनी है। हाईवे पर चौड़ीकरण कार्य का मलबा पसरा होने से पाली गाड और जानकीचट्टी के बीच दलदल से वाहनों की आवाजाही मुश्किल बनी है।

🔴 गंगोत्री धाम और गोमुख क्षेत्र में भी बर्फबारी
गंगोत्री धाम और गोमुख क्षेत्र में भी बर्फबारी जारी है। गंगोत्री हाईवे पर भटवाड़ी के पास घोडाला और चड़ेती के साथ ही नेताला, लालढांग आदि स्थानों पर कीचड़ और दलदल की स्थिति है। वहीं रवांई घाटी में बीते कई दिनों से लगातार हो रही बारिश ने बागवानों व किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जहां बारिश से खेतों में पानी भर गया है और मटर, गेहूं आदि खड़ी फसलें सड़ने की कगार पर पहुंच गई है। अधिक बारिश से टमाटर की पौध भी गलने लगी है। सेब बागवानों को लगातार हो रही बारिश व ओलावृष्टि से फूल झड़ने और पेड़ों पर बीमारी लगने का डर सता रहा है।बागवान बीरेंद्र रावत, कपिल, बिजेंद्र रावत, जयदेव चमियाल, कैलाश उनियाल आदि ने स्थानीय प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

🔴 तुंगनाथ मंदिर भी बर्फ से ढका
चोपता तुंगनाथ क्षेत्र में बुधवार को तेज बारिश के बाद बर्फबारी हुई। इससे तुंगनाथ मंदिर भी बर्फ से ढक गया है। बर्फबारी देखने के लिए सैलानी पहुंच रहे है। एक लॉज के संचालक नवीन मैठाणी ने बताया कि क्षेत्र में बर्फबारी शुरू के बाद पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। दिल्ली से आए पर्यटक वैभव और अदिति ने कहा कि यह पल सुखद अनुभव दे रहा है।

🔴 सुरकंडा मंदिर क्षेत्र में बर्फबारी, घाटी में हुई बारिश व ओलावृष्टि
नई टिहरी नैनबाग के ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि होने से फल और फसलों को काफी नुकसान हुआ है। सुरकंडा मंदिर क्षेत्र में बर्फबारी और घाटी वाले क्षेत्रों में दोपहर तक रही बारिश से ठंड बढ़ गई है। सुबह से दोपहर दो बजे तक हुई तेज बारिश के कारण टिहरी बांध की झील कोटीकॉलोनी में ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स की प्रतियोगिताएं भी नहीं हो पाई। आठ अप्रैल को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी बांध की झील कोटीकॉलोनी में पांच दिवसीय ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता का उद्घाटन करना था लेकिन सुबह से तेज बारिश के कारण उन्हें अपना कार्यक्रम स्थगित कर वर्चुअल उद्घाटन करना पड़ा। बावजूद बारिश के कारण पहले दिन कोई भी प्रतियोगिता नहीं हो पाई। उधर, नैनबाग क्षेत्र में दो दिनों से लगातार ओले गिरने से नकदी फसल मटर, वींस, सेब, खुमानी, आडू, पुलम और गेहूं की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। काश्तकार रघुवीर सिंह रावत, देशपाल सिंह पंवार और शरण सिंह पंवार ने कहा कि जब जरूरत थी तब बारिश नहीं हुई। अब ओलावृष्टि से फसल चौपट हो रही है।

🔴 बारिश, बर्फबारी से प्रभावित हो रहे यात्रा के काम
बारिश और बर्फबारी से चारधाम यात्रा के साथ ही विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन क्षेत्र पर्थाडीप में डामरीकरण कार्य की तैयारी थी। पिछले तीन दिनों से यहां हाईवे का समतलीकरण कार्य किया जा रहा था, मगर बुधवार को दिनभर रही बारिश से कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।बदरीनाथ धाम में रुक-रुककर हो रही तेज बारिश और बर्फबारी से पीआईयू को काम रोकना पड़ रहा है। मजदूर रीवर फ्रंट और ईवी रोड का काम सुचारु ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। बैलाकूची और टंगणी के पास हाईवे का सुधारीकरण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है, मगर मौसम खराब होने से यह काम भी पूरा नहीं हो पा रहा है। नंदप्रयाग-नंदानगर सड़क का चौड़ीकरण कार्य भी बुधवार को नहीं हो पाया। गोपेश्वर के वसंत विहार में सीवरेज लाइन का सुधारीकरण और नाली निर्माण का काम भी रुक गया है।

🔴 खेतों में भरा पानी, बारिश से फसलों पर असर
थराली आदिबदरी में बेमौसमी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में पकने की तैयार गेहूं,जौ और मसूर की फसल ढह गई है। सिंचाई वाले खेतों में पानी भरने से फसल सड़ने के आसार हैं। सब्जी वर्गीय फसलों और धनिया,लहसुन आदि को भी इस बारिश ने नुकसान पहुंचाया है। धान की बुआई में भी बारिश ने खलल डाला है। जिला उद्यान अधिकारी नितेंद्र सिंह ने बताया कि निचले क्षेत्रों में जहां आम के पौधों में बौर आई है बारिश से नुकसान हुआ है। इससे फसल उत्पादन कम होने की संभावना है। फल वाली फसलों के फूल गिरने से फसल पर असर होने की संभावना है। आदिबदरी, गौचर, लंगासू, नंदासैंण सहित अन्य जगह भी बारिश से ठंड बनी रही।
