उत्तराखंड डोईवाला में रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई, उप शिक्षा अधिकारी सहयोगी सहित 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार,,,,

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही जीरो टॉलरेंस नीति का असर अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में देहरादून जनपद के डोईवाला क्षेत्र में तैनात एक उप शिक्षा अधिकारी और उनकी महिला सहयोगी को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई को सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी सख्ती का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, आरटीई (Right to Education) प्रतिपूर्ति से जुड़े मामले में रिश्वत की मांग की शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने ट्रैप ऑपरेशन चलाया। जैसे ही दोनों आरोपियों ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आरटीई योजना गरीब और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा से जुड़ी एक संवेदनशील व्यवस्था है।
राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगा। चाहे अधिकारी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो या मामला किसी भी विभाग से जुड़ा हो, भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में सतर्कता विभाग और अन्य जांच एजेंसियों द्वारा लगातार ट्रैप ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं और प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इससे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले भी कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी सरकार केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीतियों को प्रभावी रूप से धरातल पर लागू करना ही प्राथमिकता है। यही कारण है कि राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी से कार्रवाई होती दिखाई दे रही है।
