उत्तराखंड ग्रामीण बैंक घोटाला: पूर्व शाखा प्रबंधक समेत 12 दोषियों को जेल, CBI कोर्ट का फैसला,,,

देहरादून। उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की बाजपुर शाखा में हुए करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत कुल 12 आरोपियों को दोषी करार देते हुए जेल और जुर्माने की सजा सुनाई है।
देहरादून स्थित विशेष सीबीआई न्यायाधीश की अदालत ने मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम अवतार सिंह दिनकर को भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए 4 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
मामले में शामिल अन्य 11 आरोपियों—राम सिंह, हरजीत सिंह, दीवान सिंह, हरदत्त सिंह, जसवीर सिंह, बलकार सिंह, पूरन चंद, दीदार सिंह, महेश कुमार, गुरदीप सिंह और सोना सिंह—को भी अदालत ने दोषी पाया। सभी को एक-एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है, साथ ही सामूहिक रूप से 3.3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सीबीआई जांच के अनुसार वर्ष 2014-15 के दौरान बाजपुर शाखा में फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), फसल ऋण और कृषि सावधि ऋण स्वीकृत कर धोखाधड़ी की गई। बैंक के नियमों को दरकिनार कर ट्रैक्टर और कृषि उपकरण खरीद के नाम पर ऋण स्वीकृत किए गए, जबकि वास्तव में कोई मशीनरी खरीदी ही नहीं गई।
जांच में सामने आया कि ऋण की राशि ट्रैक्टर डीलर मैसर्स केजीएन ट्रैक्टर्स एंड इक्विपमेंट के खाते में ट्रांसफर कर दी गई, जिससे बैंक को करीब 3.39 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
इस मामले में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के प्रधान कार्यालय द्वारा 12 जून 2018 को सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 19 जून 2018 को एफआईआर दर्ज हुई और 24 दिसंबर 2018 को आरोप पत्र दाखिल किया गया। लंबी सुनवाई के बाद 31 मार्च 2026 को अदालत ने अंतिम फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को सजा सुनाई।
