उत्तराखंड काशीपुर के मां बाल सुंदरी मंदिर में मुख्यमंत्री धामी ने की पूजा-अर्चना, चैती मेले में मंदिर सौंदर्यीकरण और विकास की घोषणा,,,

काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को काशीपुर स्थित प्रसिद्ध मां बाल सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और चहुंमुखी विकास की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर प्रांगण में आयोजित भजन संध्या कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चैती मेला कोष की धनराशि से मां बाल सुंदरी मंदिर के सौंदर्यीकरण और मंदिर परिसर के समग्र विकास की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने चैती मेले में पहुंचे सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का जीवंत महोत्सव है। उन्होंने कहा कि मेले में लगाए गए पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल और स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस आयोजन को और अधिक आकर्षक बनाती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चैती मेले का भव्य आयोजन क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और स्थानीय विकास को नई गति देने के साथ-साथ लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में काशीपुर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि काशीपुर में 133 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क विकसित किया जा रहा है, जिसमें 16 औद्योगिक इकाइयों का आवंटन हो चुका है और इससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा काशीपुर-रामनगर राजमार्ग को चार लेन में विकसित करने के लिए 494 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई है, जबकि यहां 3 किलोमीटर लंबा मिनी बाईपास भी शुरू किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 4 करोड़ रुपये की लागत से सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कार्यालय का निर्माण किया गया है, जबकि 7 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से काशीपुर, हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की सुविधा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि लगभग 1950 करोड़ रुपये की लागत से काशीपुर में पेयजल, सीवरेज, सड़क सुधार और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसे महत्वपूर्ण कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 1100 करोड़ रुपये की औद्योगिक हब परियोजना और 100 करोड़ रुपये की अरोमा पार्क परियोजना पर भी काम चल रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर में बहुमंजिला पार्किंग और नए तहसील कार्यालय का निर्माण कार्य भी जारी है। साथ ही राज्य सरकार चैती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर से जोड़कर इसे एक प्रमुख सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि काशीपुर औद्योगिक नगर के साथ-साथ आस्था और श्रद्धा की नगरी के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं, जबकि ऑपरेशन कालनेमि के तहत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को यह गौरव प्राप्त है कि यह देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार कठोर कार्रवाई कर रही है और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं, जो पिछली सरकारों के मुकाबले चार गुना से अधिक है। उन्होंने कहा कि काशीपुर में जाम की समस्या के समाधान के लिए ओवरब्रिज निर्माण, सड़कों के चौड़ीकरण और औद्योगिक वातावरण को मजबूत करने के लिए भी तेजी से काम किया जा रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट एवं जनपद प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोरा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, बलराज पासी, विनय रुहेला, फरजाना बेगम, शंकर कोरंगा, मंजीत सिंह राजू, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, डॉ. शैलेन्द्र मोहन सिंघल, राजेश कुमार, ऊषा चौधरी, सतीश भट्ट, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी प्राधिकरण जय किशन, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
