उत्तराखंड सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पुलिस के लिए चुनौती, बिना सत्यापन शेयर करने पर हो सकता है मुकदमा – एसएसपी अजय सिंह

देहरादून: आज के समय में सोशल मीडिया जितना शक्तिशाली माध्यम बन चुका है, उतना ही यह पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती भी बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो और पोस्ट की सच्चाई जांचना पुलिस के लिए कठिन कार्य होता जा रहा है। कई बार बिना सत्यापन के वीडियो तेजी से वायरल हो जाते हैं, जिसके बाद पुलिस को उनकी वास्तविकता पता लगाने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है।
आजकल सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर किसी को धमकी देना, आत्महत्या की चेतावनी देना या निजी दुश्मनी निकालने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसके अलावा हथियारों के साथ वीडियो बनाना, स्टंटबाजी करना और ऐसे वीडियो पोस्ट कर व्यूज बढ़ाने की होड़ में युवा कानून की सीमाएं लांघ रहे हैं। ऐसे मामलों की पहचान और सत्यापन में पुलिस को काफी समय और संसाधन लगाने पड़ते हैं।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि एडवांस टेक्नोलॉजी के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू हैं। सकारात्मक पक्ष यह है कि सोशल मीडिया के माध्यम से सूचनाएं तेजी से लोगों तक पहुंचती हैं, लेकिन नकारात्मक पक्ष यह है कि बिना जानकारी और प्रमाण के गलत खबरें भी तेजी से फैल जाती हैं। अधिकतर देखा गया है कि गलत और भ्रामक खबरें सही सूचनाओं की तुलना में अधिक तेजी से साझा की जाती हैं।
उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी पोस्ट या वीडियो को लाइक और शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें। अपने स्तर पर जानकारी जुटाएं और विश्वसनीय माध्यमों से पुष्टि करने के बाद ही उसे आगे बढ़ाएं। यदि कोई व्यक्ति गलत या भ्रामक पोस्ट को आगे फॉरवर्ड करता है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। कई मामलों में गलत पोस्ट डालने पर मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।
एसएसपी ने बताया कि प्रतिदिन सोशल मीडिया पर सैकड़ों की संख्या में विभिन्न प्रकार की पोस्ट सामने आती हैं। गलत और नकारात्मक पोस्ट सबसे पहले और सबसे तेजी से वायरल होती हैं, जिससे पुलिस के लिए उन्हें हटवाना भी कठिन हो जाता है। इसी को देखते हुए दून पुलिस द्वारा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय किया गया है, जो सभी थानों और विभागों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कई लोग अनजाने में गलत जानकारी पोस्ट कर देते हैं, ऐसे मामलों में पुलिस उन्हें काउंसलिंग कर जागरूक करती है। वहीं, जानबूझकर भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
दून पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी को फैलने से रोकने में प्रशासन का साथ दें।
