उत्तराखंड मुख्य सचिव ने विकास कार्यों की जनपदवार समीक्षा की, जिला व पंचायत स्तर पर विज़न डॉक्यूमेंट बनाने के निर्देश,,,

देहरादून: मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में विकास कार्यों की जनपदवार समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय 2047 विज़न डॉक्यूमेंट की तर्ज पर सभी जिलाधिकारियों को जिला एवं पंचायत स्तर पर भी विज़न डॉक्यूमेंट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत, खंड और जनपद स्तर पर विज़न डॉक्यूमेंट बनाने की दिशा में शीघ्र कार्य किया जाए तथा इसके लिए आवश्यक वर्कशॉप भी जल्द आयोजित कराई जाएं।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिला योजना समितियों की बैठकें मार्च माह तक अनिवार्य रूप से आयोजित कराई जाएं। इसके लिए अभी से तैयारी और होमवर्क शुरू किया जाए, ताकि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला योजना में शामिल किए जाने वाले संभावित कार्यों के सभी प्रक्रिया संबंधी पहलुओं को पूर्ण कराते हुए उनके एस्टीमेट पहले से तैयार करवा लिए जाएं।
उन्होंने उद्यान, कृषि एवं पशुपालन विभाग को जनपद स्तर पर खरीद के लिए शक्तियों के विकेंद्रीकरण पर जोर दिया। साथ ही खरीद के लिए मूल्य निर्धारण एक वर्ष के स्थान पर 2 से 3 वर्षों के लिए किए जाने जैसे उपायों पर भी विचार करने को कहा। आमजन की समस्याओं के समाधान हेतु यदि जिला योजना की गाइडलाइंस एवं नियमों में सुधार की आवश्यकता हो तो उसमें आवश्यक संशोधन किए जाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जन-जन की सरकार कार्यक्रम में प्राप्त समस्याओं के समाधान के लिए भी योजनाएं तैयार की जाएं तथा कार्य प्रकृति के अनुसार उन्हें जिला एवं राज्य योजना में सम्मिलित किया जाए। उन्होंने राज्य सेक्टर, डीएपी और सीसीएस से जुड़ी योजनाओं की मासिक समीक्षा बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित कराने के निर्देश भी दिए।
आजीविका से जुड़ी सभी विभागीय योजनाओं को गंभीरता से लेने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की जनपद स्तर पर मासिक समीक्षा की जाए तथा राज्य स्तर पर त्रैमासिक समीक्षा बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित की जाए।
मुख्य सचिव ने राजकीय महिला विद्यालयों में शौचालय निर्माण को 8 मार्च 2026 तक सैचुरेशन लक्ष्य के साथ पूर्ण करने के निर्देश दोहराए। साथ ही शौचालयों की नियमित सफाई व्यवस्था के लिए ठोस और प्रभावी योजना तैयार करने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, श्री चंद्रेश कुमार यादव, आयुक्त कुमाऊं श्री दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डेय सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिला योजना समितियों की बैठकें मार्च माह तक अनिवार्य रूप से आयोजित कराई जाएं। इसके लिए अभी से तैयारी और होमवर्क शुरू किया जाए, ताकि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला योजना में शामिल किए जाने वाले संभावित कार्यों के सभी प्रक्रिया संबंधी पहलुओं को पूर्ण कराते हुए उनके एस्टीमेट पहले से तैयार करवा लिए जाएं।
उन्होंने उद्यान, कृषि एवं पशुपालन विभाग को जनपद स्तर पर खरीद के लिए शक्तियों के विकेंद्रीकरण पर जोर दिया। साथ ही खरीद के लिए मूल्य निर्धारण एक वर्ष के स्थान पर 2 से 3 वर्षों के लिए किए जाने जैसे उपायों पर भी विचार करने को कहा। आमजन की समस्याओं के समाधान हेतु यदि जिला योजना की गाइडलाइंस एवं नियमों में सुधार की आवश्यकता हो तो उसमें आवश्यक संशोधन किए जाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जन-जन की सरकार कार्यक्रम में प्राप्त समस्याओं के समाधान के लिए भी योजनाएं तैयार की जाएं तथा कार्य प्रकृति के अनुसार उन्हें जिला एवं राज्य योजना में सम्मिलित किया जाए। उन्होंने राज्य सेक्टर, डीएपी और सीसीएस से जुड़ी योजनाओं की मासिक समीक्षा बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित कराने के निर्देश भी दिए।
आजीविका से जुड़ी सभी विभागीय योजनाओं को गंभीरता से लेने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की जनपद स्तर पर मासिक समीक्षा की जाए तथा राज्य स्तर पर त्रैमासिक समीक्षा बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित की जाए।
मुख्य सचिव ने राजकीय महिला विद्यालयों में शौचालय निर्माण को 8 मार्च 2026 तक सैचुरेशन लक्ष्य के साथ पूर्ण करने के निर्देश दोहराए। साथ ही शौचालयों की नियमित सफाई व्यवस्था के लिए ठोस और प्रभावी योजना तैयार करने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, श्री चंद्रेश कुमार यादव, आयुक्त कुमाऊं श्री दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डेय सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
