उत्तराखंड सहजन के पौधे की औषधीय उपयोगिता, स्वास्थ्य के लिए बना ‘चमत्कारी वृक्ष’- ABPINDIANEWS SPACIAL

हरिद्वार: सहजन का पौधा जिसे आम भाषा में मुनगा, सरगवा या ड्रमस्टिक ट्री कहा जाता है, आज विश्वभर में अपने औषधीय और पोषण गुणों के कारण अत्यंत उपयोगी पौधे के रूप में जाना जा रहा है। वैज्ञानिक शोधों के अनुसार सहजन में लगभग 92 प्रकार के पोषक तत्व, 46 एंटीऑक्सीडेंट, 36 प्राकृतिक दर्दनिवारक तत्व और भरपूर विटामिन A, C, E, B के साथ-साथ कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम एवं प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
🟢 स्वास्थ्य के लिए क्यों खास है सहजन? 🟢
✔ इसमें उपस्थित तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और शरीर में संक्रमण होने की संभावना कम करते हैं।
✔ हाई ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल को नियंत्रित करने में भी सहजन बेहद प्रभावी माना जाता है।
✔ सहजन की सब्जी, फली और पत्तियां हड्डियों को मजबूत बनाती हैं क्योंकि इसमें दूध से भी ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है।
🟢 सहजन की पत्तियों का उपयोग 🟢
सहजन की पत्तियों को ‘सुपरफूड’ कहा जाता है। इन्हें सुखाकर पाउडर के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। यह शरीर में पोषण की कमी को पूरा करने के साथ-साथ थायराइड, एनीमिया और जोड़ों के दर्द में विशेष लाभदायक मानी जाती है।
🟢 फली यानी Drumstick की उपयोगिता 🟢
सहजन की फली सूप, सब्जी और चटनी के रूप में देशभर में पसंद की जाती है। इसके सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज की समस्या दूर होती है। फली में मौजूद प्राकृतिक फाइबर शरीर को डिटॉक्स करने में अहम भूमिका निभाता है।
🟢 छाल, बीज और जड़ भी औषधीय 🟢
सिर्फ पत्तियां और फलियां ही नहीं बल्कि इसके बीज, जड़ और छाल भी कई तरह की आयुर्वेदिक दवाइयों में इस्तेमाल किए जाते हैं। इसके बीज पानी को शुद्ध करने में भी प्रयोग किए जाते हैं, यह प्राकृतिक जल फिल्टर की तरह काम करते हैं।
🟢 डायबिटीज और हृदय रोगियों के लिए फायदेमंद 🟢
डॉक्टर्स और आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार सहजन में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट तत्व हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। नियमित सेवन करने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहती है, जिससे डायबिटीज मरीजों को लाभ मिलता है।
🟢 गांवों में बढ़ रही खेती 🟢

उत्तराखंड सहित देशभर में किसान सहजन की खेती को अब व्यावसायिक खेती की तरह अपना रहे हैं, क्योंकि इसकी बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है। पौधा लगाने से लेकर उत्पादन तक इसकी लागत कम और आय अधिक मानी जाती है।
कुल मिलाकर सहजन प्रकृति का ऐसा उपहार है, जो सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए वरदान है। इसके नियमित सेवन से शरीर मजबूत, रोगमुक्त और ऊर्जावान बना रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसे दैनिक आहार में शामिल करना आज के समय में स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक माना जा रहा है।
( सेवन से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें )


