उत्तराखंड, अप्रैल में प्रधानमंत्री करेंगे दिल्ली–देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे का उद्घाटन, युद्ध स्तर पर चल रही है फाइनल तैयारी,,,,

देहरादून: बहुप्रतीक्षित दिल्ली–देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इस हाईवे का लोकार्पण 4 अप्रैल को प्रस्तावित है। इसे देखते हुए परियोजना से जुड़ी शेष औपचारिकताओं और तकनीकी कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। हालांकि बड़गांव इंटरचेंज के पास ट्रांसफार्मर और विद्युत लाइन शिफ्टिंग का कार्य अभी अधूरा है, जिसके लिए एनएचएआई ने विद्युत विभाग से शटडाउन देने का अनुरोध किया है।
जानकारी के अनुसार दिल्ली–देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे का लगभग 74 किलोमीटर हिस्सा सहारनपुर जिले में पड़ता है। यह हाईवे शामली के ख्यावड़ी से सहारनपुर में प्रवेश करता है और नागल के लाखनौर के पास बने गोलचक्कर के माध्यम से पंचकूला–हरिद्वार हाईवे से जुड़ता है। यहां से करीब 41 किलोमीटर हिस्सा एनएचएआई के रुड़की डिवीजन के अंतर्गत आता है। सिक्स लेन हाईवे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और टोल प्लाजा सहित अन्य बुनियादी ढांचे तैयार किए जा चुके हैं।
हाईवे पर बड़गांव के पास जैनपुर टोल प्लाजा, गांव लतीफपुर में इंटरचेंज रैंप, गांव जैनपुर में टोल प्लाजा और हलगोया क्षेत्र में विद्युत कनेक्शन शुरू कराने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं बड़गांव इंटरचेंज के पास रैंप निर्माण में बाधा बन रहे ट्रांसफार्मर, विद्युत लाइन और पोल को हटाने का कार्य अभी पूरा नहीं हो पाया है, जिसे जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एनएचएआई बागपत के परियोजना निदेशक ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को भेजे पत्र में कहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तावित लोकार्पण से पहले विद्युत पोल शिफ्टिंग का कार्य पूरा करना जरूरी है। इसके लिए विद्युत विभाग से शटडाउन की मांग की गई है ताकि राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार हाईवे पर विद्युत कनेक्शन को लेकर भी कुछ तकनीकी अड़चनें सामने आई थीं। ऊर्जा निगम के देवबंद डिवीजन से कनेक्शन लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि रामपुर मनिहारान डिवीजन से कनेक्शन लेने की प्रक्रिया में अवरोध बना हुआ था। अधिशासी अभियंता विजय कुमार के अनुसार एनएचएआई द्वारा आवश्यक धनराशि जमा होने के बाद कनेक्शन की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी।
इस हाईवे की खास बात यह है कि इसमें एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर भी बनाया गया है। जिले में हाईवे की लंबाई 74 किलोमीटर है और डाटकाली मंदिर के पास 26 करोड़ रुपये की लागत से 1.3 किलोमीटर लंबा वायाडक्ट (ऊंचा पुल) भी तैयार किया गया है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए इस ऊंचे पुल का निर्माण किया गया है।
इसके अलावा डाटकाली मंदिर से गणेशपुर तक 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन भी तैयार हो चुका है, जिस पर 28 दिसंबर से वाहनों का संचालन शुरू हो गया है। यह एलिवेटेड कॉरिडोर राजाजी नेशनल पार्क की वादियों से होकर गुजरता है और इसे एशिया का सबसे लंबा इको-कारिडोर माना जा रहा है।
परियोजना के तहत छह एनिमल अंडरपास, दो हाथी अंडरपास, 113 छोटे अंडरपास, 76 किलोमीटर सर्विस रोड, 62 बस शेल्टर, 16 एंट्री–एग्जिट प्वाइंट और पांच रेलवे ओवरब्रिज भी बनाए गए हैं। वहीं डाटकाली मंदिर के पास 1995 करोड़ रुपये की लागत से 340 मीटर लंबी तीन लेन सुरंग का निर्माण भी किया गया है, जिसकी चौड़ाई 11 मीटर और ऊंचाई 7 मीटर रखी गई है।
विद्युत वितरण खंड रामपुर मनिहारान के अधिशासी अभियंता विजय कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर, विद्युत लाइन और पोल शिफ्टिंग के लिए शटडाउन की प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि जैसे ही कनेक्शन से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी होंगी, विद्युत आपूर्ति भी चालू करा दी जाएगी, जिससे हाईवे का उद्घाटन समय पर किया जा सके।
